Narazgi Shayari
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15+ Narazgi Shayari in Hindi | नाराजगी शायरी 2 लाइन

Narazgi Shayari: एक विशेष शैली की हिंदी शायरी है जो जज्बातों के विरोध को व्यक्त करती है। इस शायरी के माध्यम से, कवि अक्सर उस व्यक्ति या स्थिति के साथ अपने असंतुष्टि, नाराजगी और दुख को व्यक्त करते हैं, जिसने उन्हें आहत किया या जिससे उनकी अपेक्षाएँ टूटी हैं। इस शैली में शब्दों की तेज़ी, भावनाओं की गहराई और व्याकुलता का प्रकटीकरण होता है, जो कविता को एक नाजुक और प्रभावशाली रूप देता है। यह शायरी मानवीय जीवन की उस चिरस्थायी सच्चाई को प्रकट करती है कि जीवन में नाराजगी और दुख की स्थितियों का भी एक महत्वपूर्ण स्थान है.

Narazgi Shayari in Hindi

मुझसे यूँ नाराज़ ना रहा करो,

तुम्हारे बिन जी पाए,

इतना मज़बूत नहीं है ये दिल मेरा 

नाराजगी वहाँ मत रखिएगा मेरे यार,

जहाँ आपको खुद बताना पड़े … आप नाराज हैं

सितम सारे हमारे, छाँट लिया करो, 

नाराज़गी से अच्छा है, डाँट लिया करो

कमरा ही नहीं मेरी पूरी ज़िन्दगी ही नाराज़ है मुझसे

जहाँ नाराजगी की कद्र न हो

वहाँ नाराज होना छोड़ देना चाहिये 

आज कुछ लिख नही पा रहा 

,शायद कलम को मुझसे नाराजगी है

किसी को मनाने से पहले यह अवश्य जान लें 

कि वो तुमसे नाराज है या परेशान

बेशक मुझपे गुस्सा करने का हक़ है तुम्हे 

पर नाराजगी में हमारा प्यार मत भूल जाना

नाराजगी भी बड़ी प्यारी सी चीज है,

 चंद पलो मे प्यार को दुगुना कर देती हैं

नाराज़गी में ही सही, लेकिन वो हम से दूर हो गए

कुछ रिश्ते ख़ामोशी और नाराज़गी के चलते बच जाते है इस दुनिया में

इंसान की हर बात खामोशी से मान लेना 

यह भी अंदाज़ होता है नाराज़गी का

नाराजगी किसी से नहीं बस कुछ लोग

 मन से ऐसे उतरे की अब दिखते ही नही 

अगर तेरी नाराज़गी, तेरी मजबूरी है, तो रहने दे, मुझे मानना नहीं जरुरी है

कुछ लिखूं कैसे, दिलो दिमाग पर तुम बैठी हो

मैं आज काम पर कैसे जाऊं, नाराज़ हो कर तुम बैठी हो

ना आँखों में चमक  ना होंठों पर कोई हलचल है ,

तेरी नाराजगी का ऐसा असर है कि अब तो गम हर पल है

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